मंगलवार, 4 अगस्त 2026

सोनम वांगचुक का अस्पताल से भावुक संदेश: अनशन के 23वें दिन लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण की उठाई मांग

Written by: Manoj Yadav

Published:

सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का 23वां दिन पूरा। अस्पताल के बिस्तर से किया सोशल मीडिया पर भावुक ट्वीट। लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग दोहराई। पर्यावरण और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर जताया गहरा संकट। देश के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील।


नई दिल्ली। NFLSpice News: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अपने आमरण अनशन के 23वें दिन सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और शक्तिशाली संदेश साझा किया है। लद्दाख की लोकतांत्रिक व्यवस्था, छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा और नाजुक हिमालयी पर्यावरण को बचाने की मांग को लेकर लगातार भूखे बैठे वांगचुक की सेहत में गिरावट के बाद उन्हें हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बिस्तर से किए गए उनके इस ताजा ट्वीट ने दिल्ली से लेकर लद्दाख तक चल रहे जन-आंदोलनों को एक नई धार दे दी है।

सांसें कमजोर हो सकती हैं, लेकिन संकल्प अडिग है

अपने आधिकारिक हैंडल से किए गए ट्वीट में सोनम वांगचुक ने लिखा कि लगातार 23 दिनों से अन्न का एक दाना न लेने के कारण भले ही उनका शरीर और सांसें कमजोर हो रही हैं, लेकिन लद्दाख के भविष्य को सुरक्षित करने का उनका संकल्प आज भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल लद्दाख के भूमि अधिकारों की लड़ाई नहीं है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी, ग्लेशियर और देश की सीमाओं की सुरक्षा का एक पवित्र अभियान है, जिसमें पूरे देश का सहयोग बेहद जरूरी है।

युवाओं से की शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील

सोनम वांगचुक का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब राजधानी दिल्ली में परीक्षा सुधारों को लेकर भी युवा सड़कों पर उतरे हुए हैं। अपने संदेश में उन्होंने सभी प्रदर्शनकारी युवाओं, विशेषकर उनके समर्थन में अनशन पर बैठे छात्र नेताओं से अपील की है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पूरी तरह से अहिंसक और शांतिपूर्ण संवैधानिक तरीकों से अपनी आवाज बुलंद रखें। उनके इस संदेश के बाद जंतर-मंतर पर डटे समर्थकों ने संकल्प लिया है कि जब तक केंद्र सरकार इस दिशा में कोई ठोस ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका यह नैतिक संघर्ष जारी रहेगा।

Manoj Yadav
लेखक के बारे में Manoj Yadav

View all posts by Manoj Yadav →

Follow Us :