आयुर्वेद के अनुसार रोजाना कितना और कब, कब पीना चाहिए पानी?

Written by Chirag Yadav

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Water Drinking Rules as per Aayurveda – आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम ये भी ठीक से दयँ नहीं रख पाते की हमारे शरीर के लिए जो सबसे जरुरी चीज है उसको ही हमें कब पीना चाहिए। यानि कोई कहता है दिन में 10 गिलास पानी पीना चाहिए तो कोई कहता है की 8 गिलास प[आणि एक दिन में पीना चाहिए। इसलिए अस आर्टिकल में आयुर्वेद के अनुसार पानी कितना पीना चाहिए और इसको पीने के नियम क्या हैं वो सब आपको बतायेंगे।

बताना इसलिए भी जरुरी है की मुश्किल से 1 प्रतिशत लोग होंगे जिनको पानी की मात्रा और उसके पीने के सही तरीके के बारे में पता होगा। वार्ना ज्यादातर लोग तो इसको मुँह के लगाया और एक झटके में अंदर। यही तरीका अपनाते हैं और ये फिर शरीर के लिए हानिकारक हो जाता है।

पानी पीने के नियम – आयुर्वेद के अनुसार

  • आयुर्वेद में बताया गया है की कभी भी हमें खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए। ये सेहत के लिए नुक्शानदायक होता है।
  • हमें हमेशा हमारे शरीर के तापमान के हिसाब से पानी को पीना चाहिए। जबकि ज्यादातर लोग ऐसा नहीं करते। इसलिए शर्द गरम का शिकार होते हैं।
  • फ्रीज़ से निकलते ही पानी को कभी भी नहीं पीना चाहिए, उसको कुछ देर रख दें और रूम टेम्परेचर के अनुसार होने पर ही पियें।
  • खाली पेट एक गिलास पानी रोजाना सुबह जरूर पिए। मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में ये बहुत लाभदायक होता है।
  • एक दिन में 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इससे कम पीने पर प्रॉब्लम हो सकती है।

पानी कब कब पीना चाहिए

  • सुबह उठते ही एक गिलास।
  • भोजन के एक घंटा पहले और एक घंटा बाद में।
  • दिन के कुछ भी खाने से एक घंटा पहले या फिर एक घंटा बाद में।
  • रात को खाने के एक घंटा बाद में
  • सोने से एक घंटा पहले भी पानी जरूर पियें।

 

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