सरकार इस फसल की खेती पर दे रही है 7000 रु , इस प्रकार से उठाये लाभ

Written by Chirag Yadav

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देश में कई राज्य ऐसे है जहा पर पानी पहले हुआ करता है लेकिन अब नहीं है खेती खत्म हो चुकी है। और लोगो को पिने के पानी के लिए भी कई किलोमीटर जाना पड़ता है। हरियाणा सरकार की तरफ से भी घटते भू जल स्तर को रोकने के लिए नई योजना पर कार्य करना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत सरकार की तरफ से किसानो को धान की फसल के आलावा अन्य फसलों की खेती करने के लिए किसानो को 7000 रु की सब्सिडी जारी करने की घोषणा की है हरियाणा प्रदेश में जय जिले ऐसे है जिनमे पानी का स्तर काफी कम हो चूका है और ऐसे में धान की खेती करना भू जल स्तर को और निचे ले जायेगा। इससे बचने के लिए सरकार की तरफ से मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत किसानो को अन्य फसलों की और प्रेरित करने के उद्देशय से 7000 हजार रूपये की राशि दी जाती है

धान के आलावा अन्य फसलों पर दी जाती है सब्सिडी

यदि कोई किसान धान की फसल को छोड़ कर अन्य फसल जैसे की मक्का, तिलहन , बागवानी और जिन फसलों में कम पानी की जरुरत होती है उनकी खेती करते है तो सरकार की तरफ से उनको 7000 रु की सब्सिडी दी जाती है। किसान खेत में पोपलर और सफेदा की फसले भी ले सकते है इस पर भी सरकार की तरफ से 7 हजार रूपये की सब्सिडी दी जाती है

किसानो को धान की सीधी बुआई पर मिलते है 4 हजार रु

हरियाणा राज्य में जिन क्षेत्रों में नहरी पानी आता है उन क्षेत्रों में बहुत अधिक मात्रा में धान की खेती की जाती है और बहुत से क्षेत्र ऐसे भी है जहा पर नहरी पानी की व्यस्था नहीं ही लेकिन धान की खेती की जाती है। धान की खेती में पानी की अधिक मात्रा की जरुरत होती है। और जिन क्षेत्रों में नहरी पानी की सुविधा नहीं है उन क्षेत्रों में धान की फसल लेने से पानी का स्तर निचे जा रहा है और टाइम पर सिंचाई नहीं होने से फसल के उत्पादन में भी काफी नुकसान किसान को उठाना पड़ता है। सरकार की तरफ से DSR तकनीक यानि की धान की सीधी बुआई करने पर किसान को 4 हजार रूपये की राशि जारी की जाती है। जो की प्रति एकड़ के हिसाब से दी जाती है

ड्रिप सिस्टम पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी

सरकार की तरफ से किसानो को पानी की बचत के लिए एक स्कीम और चलाई गई है इसमें जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या बढ़ रही है उन क्षेत्रों के किसानो को सरकार की तरफ से ड्रिप सिस्टम लगवाने पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। ड्रिप सिस्टम में छोटी छोटी नलकी के द्वारा पौधे की जड़ो में पानी दिया जाता है जिससे पानी की मात्रा कम लगती है और पौधे को पानी भी पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है इससे पानी की काफी बचत होती है

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