दो दिनों से सरसों में आई रौनक, 200 रु तक तेज हुए भाव , जानिए आज के ताजा भाव

Written by Chirag Yadav

Published on:

शनिवार के बाद से सरसो के भाव में बदलाव होने शुरू हुए थे जो की आज भी जारी है सरसो के भाव में तेजी होनी शुरू हो चुकी है इससे पहले सरसो के भाव बहुत निचे चले गए थे अगर पिछले साल के भाव की तुलना करे तो इन दिनों में पिछले साल सरसो का भाव लगभग 7 हजार से 7500 के आसपास चल रहा था। और इस साल सरसो का भाव पांच हजार के पार नहीं जा पा रहा है , हालाँकि पिछले दो दिनों से सरसो के भाव में सौ रु से दो सौ रु तक की तेजी दर्ज की गई है अब ये कितने दिन तक रहेगी ये तो समय ही बताएगा

मार्किट में सरसो के ताजा भाव

मंगलवार के दिन किसानो के लिए ठीक ठाक रहा है , सरसो के रेट में कुछ तेजी दर्ज की गई है सरसो तेल मिलो में भी अब ठीक ठाक खरीद जारी हो चुकी है जयपुर में कंडीशन सरसो के भाव 5300 रु प्रति किवंटल और भरतपुर में सरसो का भाव 5020 रु तक आ चूका है वही पर अगर रेवाड़ी मंडी की बात करे तो सरसो के भाव 5122 रु प्रति किवंटल तक 40.5 लैब वाली सरसो के आ चुके है। वही पर दिल्ली में लॉरेंस रोड मंडी में सरसो में तेजी रही है यहाँ पर सरसो के भाव डेढ़ सौ रूपये की तेजी के साथ 5100 रु हो चुके है , आज नोहर मंडी राजस्थान में सरसो का भाव 4700 रु प्रति कुंतल, आदमपुर मंडी हरियाणा में सरसो का भाव 4899 रु प्रति कुंतल औसत रहा है वही पर श्रीमाधोपुर मंडी में सरसो का भाव 5000 रु प्रति कुंतल, रावला मंडी में सरसो के भाव 4650 रु प्रति कुंतल तक रहा है। सिरसा मंडी में सरसो का भाव 4600 रु प्रति कुंतल, श्री गंगानगर मंडी में सरसो का भाव 4681 रु प्रति कुंतल , जैतसर मंडी में सरसो 4600 रु प्रति कुंतल बिकी है। मुरैना मंडी में सरसो का औसत भाव 4700 रु प्रति कुंतल तक रहा है , वही पर सिवनी मंडी में सरसो के भाव 4850 रु तक , रायसिंघपुर मंडी में सरसो का भाव 4695 रु प्रति कुंतल तक चल रहा है

सरसो में तेजी के कारण

अगर सरसो में तेजी के कारणों की बात करे तो बाजार जानकारों का मानना है की इंटरनेशनल मार्किट में खाद्य तेल के भावो के तेजी के कारण घरेलु बाजारों में तेजी बन रही है इसकी वजह से सरसो के भाव में तेजी आ रही अब ये तेजी कब तक रहेगी इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है यदि मार्किट में खाद्य तेल की कीमतों में तेजी आती है तो हो सकता है सरसो के भाव में तेजी जारी रह सकती है लेकिन पिछले साल जितने भाव मिलना मुश्किल है